बुधवार, 12 नवंबर 2008
भड़ास
ndtv पर एक प्रोग्राम आ रहा था। अभिज्ञान प्रकाश उस को होस्ट कर रहे थे । मर्ग्रेअत अल्वा के टिकेट बिकता है वाले बयान पर वो प्रोग्राम था । अभिज्ञान ने इस प्रोग्राम के दौरान कहा की अल्वा के इस बयान से इंगित होता है की राजनीती में भाई-भतीजा वाद है। मैं प्रकाश सर से पूछना चाहता हूँ की क्या मीडिया में भाई-भतीजा वाद नही चलता। मैं पिछले दो साल से सभी न्यूज़ पेपर्स और न्यूज़ चैनल्स में रिज्यूमे दे रहा हूँ। लेकिन आज तक कही से काल नही आई। एक किस्सा मुझे यहाँ याद आता है। मैंने एक बार इन्टर्नशिप के लिए रिज्यूमे दिया। तो मुझे स्वागत कक्ष से ही ये कह कर भगा दिया गया की हम इन्टर्नशिप नही कराते। लेकिन जब मैंने वहा पर अपना रिज्यूमे अपने एक जान पहचान वाले अंकल के जरिये दिया तो मुझे इन्टर्नशिप दे दी गई। इसे मैं क्या कहूँ, क्या ये भाई-भतीजा वाद नही है। मीडिया फिल्ड में ऐसा क्यों होता है?
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